Sunday, August 9, 2020

शिक्षक दिवस

        शिक्षक दिवस को वास्तव में महर्षि ज्योतिबाफुले जी की जन्म जयंती पर मनाना चाहिए जिन्होंने इस भारतवर्ष में सबसे पहले महिलाओं की शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना शुरू किया था। इनकी पत्नी कम पढ़ी लिखी थी जिससे इन्होंने सबसे पहले अपनी पत्नी को शिक्षित किया और वह एक कुशल शिक्षिका बन कर समाज की महिलाओं को जागरूक करने का काम करती थी। फुले जी ने अपने जीवन काल में अनेकों विद्यालय और पाठशालाएं खोलकर पति पत्नी अपना पूरा जीवन और धन दौलत समाज की महिलाओं को शिक्षित करने के लिए अर्पण कर दिया किन्तु हमारे देश का दुर्भाग्य है कि जो अच्छे, प्रतिभाशाली लोग होते हैं उन्हें हमेशा कुचल दिया जाता है।

शिक्षक दिवस पर कुछ पंक्तिया, कविताएं-

अध्यापक का कार्य तो होता परम महान 

मन वाणी अरु कर्म से देता है सब ज्ञान।


सदाचार मानव जीवन का है सर्वोत्तम गहना

जो इस अलंकार से भूषित उसका है क्या कहना।


दिनकर सम पावन सुविभा से

 निज ज्ञान रत्न औ प्रतिभा से

भूषित कर दिया मेरा तन मन

पा गया अकिंचन विद्या धन

उन निर्मल कोमल चरणों को

हे पूज्य गुरु शतकोटि नमन।


जीवन का मार्ग कठिन है

सत्य का मार्ग कठिन है

पर जो हर हाल में सत्य सिखाये

वही सच्चा शिक्षक कहलाये।


भीड़ में है एक गुरु ही अपना 

दिखाए जो जीवन का सपना

पग पग पर देते वो दिशा निर्देश

गुरु से ही सजे जीवन परिवेश।


सफल जीवन सजता है सपनों से

जो मिलता है किसी गुरु की दस्तक से

जीवन सूर्य सा प्रकाशित हो उठता है

जब साथ एक गुरु का मिलता है।


 बिन गुरु नहीं होता जीवन साकार

सिर पर होता जब गुरु का हाथ

तभी बनता जीवन का सही आकार

गुरु ही है सफल जीवन का आधार।


जीवन जितना सजता है माता पिता के प्यार से

उतना ही महकता है गुरु के आशीर्वाद से

समाज कल्याण में माता पिता जितना होते हैं खास

उतने ही गुरु के कारण देश की होती है साख।



जो बनाये हमें इंसान

और दे सही गलत की पहचान

देश के उन निर्माताओं को

हम करते हैं शत शत प्रणाम।


आदर्शों की मिशाल बनकर

बाल जीवन संवारता शिक्षक

सदाबहार फूल सा खिलकर

महकता और महकाता शिक्षक

नित नये प्रेरक आयाम देकर

हर पल भव्य बनाता शिक्षक

संचित धन का ज्ञान हमें देकर

खुशियाँ खूब मनाता शिक्षक।


चेहरे की हँसी से गम को भुला दो, कम बोलो पर सब कुछ बता दो। खुद न रूठो पर सबको हँसा दो, यही राज है जिंदगी का, जियो और जीना सिखा दो।

गम नमी के अंधेरे में था एक पहचान बना दिया, दुनिया के गम से मुझे उन्होंने अंजान बना दिया, उनकी ऐसी कृपा हुई कि गुरु जी ने मुझे एक अच्छा इंसान बना दिया।

आपसे ही सीखा आपसे ही जाना, आप ही को हमने गुरू है माना, सीखा है सब कुछ आपसे हमने, कलम का मतलब आप से है जाना।

शांति का पढ़ाया पाठ, अज्ञान का मिटाया अंधकार,  गुरु ने सिखाया हमें, नफरत पर विजय है प्यार।

बुद्धिमान को बुद्धि देता और ज्ञानी को ज्ञान, शिक्षा से ही बन सकता है मेरा भारत देश महान।

शिक्षा है अनमोल रतन, पढ़ने का तुम करो जतन।

नहीं हैं शब्द कैसे करूँ धन्यवाद, बस चाहिए हर पल आप सबका आशीर्वाद। हूँ जहाँ आज मैं उसमे है बड़ा योगदान, आप सबका जिन्होंने दिया मुझे इतना ज्ञान।

जिंदगी काँटों का सफर है, हौसला इसकी पहचान है, रास्ते पर तो सभी चलते हैं, जो रास्ते बनाये वही इंसान है।

संघर्ष में आदमी अकेला होता है, सफलता में दुनिया उसके साथ होती है, जिस जिस पर जग हँसा है, उसी ने इतिहास रचा है।

हर दीपक तले अंधेरा होता है, हर रात पीछे सबेरा होता है, लोग डर जाते हैं मुसीबत को देख कर, हर मुसीबत के पीछे सच का सबेरा होता है।


कोशिशों के बाद भी अगर हो जाती है कभी हार

होकर निराश मत बैठना मन को अपने मार,

बढ़ते रहना आगे सदा हो जैसा ये मौसम

पा लेती है चींटी भी गिर गिर कर हर बार।


होकर मायूस न, यूँ शाम की तरह ढलते रहिये

जिंदगी एक भोर है सूरज की तरह निकलते रहिये,

ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे

धीरे धीरे ही सही मगर राह पर चलते रहिये।


मत सोच कि मेरा सपना कभी पूरा नहीं होता

हिम्मत वालों का इरादा कभी अधूरा नहीं होता,

जिस इंसान के कर्म अच्छे होते हैं

उसके जीवन में कभी अंधेरा नहीं होता।


नसीब जिनके ऊंचे और मस्त होते हैं, उनके इम्तिहान भी जबरदस्त होते हैं।



"शिवम पटेल"
ग्राम- ताजपुर, पोस्ट- रामपुर सकरवारी,
जनपद- अम्बेडकर नगर,
राज्य- उत्तर प्रदेश, भारत, पिन कोड- 224122


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