Saturday, November 21, 2020

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) REPUBLIC DAY OF INDIA

 

   
     गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर मैं "शिवम पटेल" सबसे पहले यहाँ पर उपस्थित आप सभी को सादर प्रणाम करता हूँ। आगे बढ़ने से पहले यह जानना आवश्यक है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?...
     गणतंत्र का मतलब होता है "जनता द्वारा जनता के लिए शासन"। 26 जनवरी सन 1950 को हमारा देश पूर्ण रूप से अंग्रेजों से स्वतन्त्र हो गया था क्योंकि इसी दिन भारतीय संविधान सभा की कमेटी के सदस्यों ने मिलकर अंग्रेजों के समक्ष अपना संविधान प्रस्तुत किया था। अंग्रेजों ने भारतीय नेताओं द्वारा अपना संविधान प्रस्तुत करने के लिए 3 वर्ष का समय दिया था कि यदि इतने समय के अंदर अपना संविधान प्रस्तुत कर देंगे कि कौन कौन से नियम कानून के तहत देश को चलाएंगे तो अंग्रेज भारत को पूरी तरह छोड़कर चले जाएंगे। इसको बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष के रूम में डॉ भीमराव अंबेडकर जी को चुना गया। इन्होंने संविधान को अंग्रेजी भाषा में लिखने में बहुत बड़ा योगदान दिया था। इस कमेटी के सभी सदस्य अन्य देशों के संविधान से अच्छे - अच्छे विचारों और नियमों को खोज कर लाया और अपने संविधान में शामिल किया। सभी लोगों ने मिलकर इस अथक परिश्रम से 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन के अंदर भारतीय संविधान को तैयार कर लिया था और 26 जनवरी सन 1950 को भारत को मुक्त करवा लिया था। उस समय भारत के पूरे भू-भाग पर भारतीयों का हक हो गया और पूरे भारत पर भारतीय जनता को शासन करने का अधिकार प्राप्त हो गया। इसलिए इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में पूरे हर्ष उल्लास के साथ देश भर में मनाया जाता है लेकिन इसके बावजूद भी भारत छोटे-छोटे टुकड़ों में रियासतों के रूप में बंटा हुआ था जिसको बाद में "सरदार पटेल" जी ने शाम, दाम, दंड ,भेद आदि हथकंडे अपनाकर एकीकरण कर के भारत को गणराज्य बनाया और एक नये भारत का रूप दिया। इसीलिए सरदार वल्लभभाई पटेल जी को "लौह पुरुष और भारत का विस्मार्क" कहा जाता है।


   गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मैं "शिवम पटेल" इस देश के जो नव युवा हैं उनके विचारों को कुछ पंक्तियों के माध्यम से प्रस्तुत करना चाहता हूँ जो इस प्रकार है- ध्यान से सुनियेगा और अच्छा लगे तो तालियाँ भी जरूर बजाइयेगा ---


मिल गयी अगर आज्ञा हमको
सारा इतिहास बदल देंगे
लाहौर सिंधु पेशावर और 
इस्लामाबाद भी ले लेंगे।

मौके का यही इरादा है
अब बॉर्डर क्रॉस किया जाये
आतंकावाद के अड्डों का 
अब डट कर नाश किया जाये।

बहुत हो चुका नियम उल्लंघन
बहुत हो चुका छिटपुट वार
बहुत हो चुकी शांति वार्ता
अब तो उठ जाए हथियार।

बहुत हो चुकी राजनीति 
अब बहुत हुईं बातें व्यवहार
बस एक तमन्ना है अपनी
हो जाये जंग अब आर-पार।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर
भारत माता का वंदन है
जिसका कण-कण हीरा-मोती
हर धूल यहाँ की चंदन है।

भूपति अशोक की धर्म नीति
है जन्म भूमि यह शेरों की
सम्राट हर्ष का दान यज्ञ 
इस मिट्टी का यश वर्णन है,
गणतंत्र दिवस के अवसर पर 
भारत माता का वंदन है।





    आजकल भ्रस्टाचार भारत सहित पूरे विश्व में अपना पाँव पसारे हुए है। इसपर मैं कुछ पंक्तियाँ बोल रहा हूँ --

भ्रस्ट कर्मचारी हैं जो अब
वे जनता को नोच ले रहे
अधिकारी निर्दय हो कर के
दीनो से उत्कोच ले रहे।

हो करके स्वच्छंद घूमते 
जो हैं घूसखोर अधिकारी
रिश्वतखोरी आज देश की 
है यह ला इलाज बीमारी।

क्रंदन करुण गुलाब कर रहा, कैसा है यह निज गुलिस्तां
मेरा भारत कितना महान, सौ में हैं नब्बे बेईमान।

राम राज की कल्पना मिली खाक में आज
गुंडे हैं मंत्री बने शासक हैं यमराज
शासक हैं यमराज राज करते हैं दानव
क्रन्दन करुण कर रहे पीड़ित होकर मानव
कहते "शिवम पटेल" समस्या यही आज की
करें कल्पना कैसे हम सब राम राज की।




भारत के गणतंत्र का सारे जग में मान
दशकों से है खिल रही इसकी अद्भुत शान
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास
इसी लिए हर देशवासी का इसमें है विश्वास।


      

     अब अन्त में चलते चलते भारत माँ के उन वीर सपूतों, नौ जवानों और सुरक्षा कर्मियों के सम्मान में कुछ सुनाते चलें जो देश और देश के लोगों की सेवा कर रहे है और सेवा करते करते शहीद भी हो जाते हैं। ध्यान से सुनियेगा -----


किसी ने क्या खूब कहा है --

किसी महफ़िल की खुशबू को महकता छोड़ आया हूँ
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ
मुझे छाती से अपनी तू  लगा लेना ऐ भारत माँ
मैं अपनी माँ की बाहों को तरशता छोड़ आया हूँ।

लड़े जंग वीरों की तरह 
जब खून खौल फौलाद हुआ
मरते दम तक डटे रहे वो
तभी तो देश आजाद हुआ।


कुछ नशा तिरंगे की आन का है
कुछ नशा तिरंगे की शान का है
हम लहरायेंगे हर जगह यह तिरंगा
नशा ये हिंदुस्तान के सम्मान का है।


भारत माता तेरी गाथा
सबसे ऊँची तेरी शान
तेरे आगे शीश झुकायें
दें तुझको हम सब सम्मान।

      "जय हिन्द"





शिवम पटेल
ग्राम- ताजपुर
पोस्ट- रामपुर सकरवारी
जिला/जनपद- अम्बेडकर नगर
उत्तर प्रदेश, भारत
पिन कोड - 224122

Sunday, October 4, 2020

क्या आप ऐसे जीव के बारे में जानते हैं जो कभी न मरता हो।

क्या आप दुनिया के ऐसे जानवर के बारे में बता सकते हैं जो कभी नहीं मरता है : आपने धरती पर रहने वाले कई जीवों के बारे में सुना होगा, पढ़ा होगा यहां तक की देखा भी होगा। हमारी दुनिया इतनी बड़ी है कि यहां हर तरह के जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनके बारे में इतनी हैरानी होती हैं कि क्या ये इस घरती के रहने वाले जीव-जंतु हैं या कहीं बाहर से आए हैं, फिर चाहे वो पानी के अंदर की दुनिया के हों।

क्या आप दुनिया के ऐसे जानवर के बारे में बता सकते हैं जो कभी नहीं मरता है।

General Knowledge क्या आप दुनिया के ऐसे जानवर के बारे में बता सकते हैं जो कभी नहीं मरता है                                    Water bear insect. 
आपने इंसानों की अमरता के बारे में सुना होगा। इसका कई जगह उल्लेख भी है। कैसे राक्षस खुद को अपर रखने के लिए छल कपट किया करते थे या धरती पर कोई ऐसी जड़ी बूटी पाई गई हैं जिससे खाकर इंसान अमर होता है। ऐसी ही बेहद से बातें जो सुनने के बाद भी यकनी होता की ऐसा भी होता होगा। खैर, जब हमकों इंसानों के अमर होने पर इतना शक है तो किसी जीव-जंतु के अमर होने पर क्या कहेंगे, कोई एक जानवर या छोटा सा कीड़ा जो कभी मर ही नहीं सकता। चाहें उसके साथ आप कुछ भी कर लो लेकिन वो अमर है।

नहीं मरता ये जीव : 

हो गए न आप भी हैरान, लेकिन ये सच हैं कि हमारी धरती पर एक ऐसा जीव है जो धरती का नहीं है लेकिन उसकी जिंदगी कभी खत्म नहीं होती। जी हां, आज हम आपको एक ऐसे ही कीड़े के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको हैरान करके रख देगा। वो कीड़ा धरती का नहीं है अंतरिक्ष का है और वो अमर है यानी कभी भी, कुछ भी करने पर मर नहीं सकता। आज हम आपको इस कीडे के बारे में हैरान कर देने वाली जानकारी बताने जा रहे हैं, क्योंकि ये एक ऐसा जीव है जो कभी नहीं मरता नहीं, जिसको आप अमर कह सकते हैं। चलिए तो फिर बिना देरी किए आपको इसके बारे में बताते हैं कि उस कीड़े का क्या नाम है जिसको अमरता का वरदान मिला हुआ है।

ardigrade है इस जीव का नाम 

दरअसल, इस कीड़े को वॉटर बियर (Water bear) या टार्डीग्रेड (Tardigrade) यानी धीरे-धीरे चलने वाला कीड़ा कहा जाता है। इस कीड़े का नाम पूरी दुनिया में ऐसा जीव घोषित किया गया है जो कभी मर नहीं सकता। इस कीड़े के बारे में तब पता चला जब एक स्पेस शटल (Space shuttle) चांद पर क्रश हो गया और काफी पैसों का नुकसान हुआ था। साथ में काफी चीजें भी तबाह हो गई थी, लेकिन जिन चीजों के अवशेष मिले थे। उन पर यह कीड़े भारी मात्रा में पाए गए थे। यह खबर पूरी दुनिया में फैल गई थी कि स्पेस में एलियन की खोज मिल गई है, लेकिन जांच पर पता लगा यह जीव तो पृथ्वी से ही आए हैं और केवल पृथ्वी पर ही नहीं यह जी किसी भी प्लेनेट पर जिंदा रह सकते हैं।

मरता का वरदना माना जाता है इसको

है ना हैरान कर देने वाली बात, इतना ही नहीं आप इन्हें मारने के लिए चाहे इसको काट दीजिए, कुचल दीजिए, पानी में उबाल दीजिए, ठंडा कर दीजिए, जो-जो तरीका आप अपना सकते हैं अपना कर देख लीजिए लेकिन ये कीड़ा कब भी नहीं मरेगा और अगर इसको कुछ नुकसान भी पहुचता है तो यह अपने आप को जिंदा कर लेते हैं और खुद को रिपेयर भी कर लेेता है।

Saturday, August 29, 2020

दीवानापन शायरी


तुम्हारे दिल की धड़कन में मेरा यह प्यार आया है

कि कैसा दिल है ये तेरा कि देखो प्यार आया है

कि कैसा है ये जमाना कि मैं जो एक आवारा है

कि कैसा है ये जमाना कि एक आवारा आया है

तुम्हारी याद में पूछूं कि तू कैसे यूँ आयी है

हमारी धड़कने कहती कि तू तो एक लुगाई है

ऐसा होता है देखो जमाने ने भी जाना है

मत पूछो कहूँ कि मैं तुम्हारा ये आवारा है

देखने वालों की है रहती भीड़ें जो पुकारी हैं

तुम्हारी याद में देखो हमने भीड़ लगाई है

कि ऐसा इस जमाने मे अक्सर यूँ ही होता है

जरा मुड़ के तो तुम देखो तुम्हारी ही शहनाई है

आकर के तो तुम पूछो देखो रंग लाई है

कैसा इस जमाने का आया इक जमाना है

इतनी भीड़ में मत पूछो कि कैसा ये जमाना है

धरती से अम्बर तक देखो प्यार ही प्यारा है

कि इस दुनिया मे सबसे तो महंगा एक प्यारा है

तेरा तो है दिल का जो टुकड़ा वो हमारा है

अक्सर इस जमाने में तो यूँ सब कुछ ही होता है

पढ़ने वाले के मन में तो मैंने जोश जगाया है

इक बार ये पढ़ कर तो देखो मैंने इसे बनाया है 


पूर्व अध्यापक-

"शिवम पटेल"
(रसायन विज्ञान)
ग्राम- ताजपुर, पोस्ट- रामपुर सकरवारी,
जनपद- अम्बेडकर नगर,
राज्य- उत्तर प्रदेश, भारत, पिन कोड- 224122

Sunday, August 9, 2020

छात्र छात्राओं का विदाई समारोह

ले लो अंतिम बार विदा यह अंतिम मिलन हमारा है
तुम भी जानो मैं भी जानूँ यह शिक्षक ऋणी तुम्हारा है।



छात्र छात्राओं की शिक्षा पूरी होने पर जब विदाई समारोह का आयोजन किया जाता है तो उसमें छात्रों छात्राओं और टीचर के बीच जो प्रेम होता है वह उन्हें दूर नहीं जाने देना चाहता है किंतु अपना कर्तव्य निभाते हुए गुरु अपने विद्यार्थियों को उनके जीवन की मंगलकामनाओं के साथ अपने दर्द को छुपा कर उनको विदा करता है और विद्यार्थी भी अपने दर्द छुपाते हुए विदा होते है। यह ऐसा समय होता है कि जो हृदय को विदीर्ण कर देता है। बहुत असहनीय दर्द होती है परन्तु लोग अपना अपना कर्तव्य निभाने निकल पड़ते हैं।
इस समारोह पर कुछ पंक्तिया और कविताएं लिख रहा हूँ जो वास्तव में प्रेरक हैं----


हर्ष की आई है यह अनोखी घड़ी
दिन उमंगों तरंगों से भरपूर है,
पर बिछड़ने का समय भी है साथ में
मन यही सोच कर के विकल चूर है।

जिंदगी का ये कैसा नियम साथियों
मिल के सबसे बिछड़ना तो पड़ता ही है,
फूल को भी महकते गमकते हुए
खिल के एक दिन बिछड़ना तो पड़ता ही है।

उड़ के छू लो गगन की बुलंदी को तुम
हौसलों के परों को नई धार दो,
लक्ष्य की प्राथमिकता हमेशा दीजै
स्वप्न को सत्य करने में सब वार दो।

वक्ष में भर के प्रतिपल नए आरजू
नित हृदय की तरंगित रवानी लिखो,
अपने साहस लगन व परिश्रम से तुम
खुद सफलता की स्वर्णिम कहानी लिखो।

स्वेद कण श्रम के रत्नों सी आभा लिए
तुम सभी के मुखों पर चमकते रहें,
वक्त की धूल से तुम ये धूमिल न हो
आप सब सर्वदा यूँ दमकते रहें।

अपनी आभा से तुम अपनी प्रतिभा से तुम
जग को ज्ञान औ कला का नया दान दो,
विश्व में गर्व से शीश अपना उठे 
देश को अपने दम से तुम नये मान दो।

मातृ भाषा को तुम मातृ भूमि को तुम
अपनी जननी के ही सम समझते रहो,
शौर्य से धैर्य से तुम विभूषित रहो
पर विनय शील बन के महकते रहो।

कीर्ति का ध्वज तुम्हारा लहरता रहे
अपने कर्मों से जग में प्रकाशित रहो,
तुमको देखें तो हमको सदा गर्व हो
ऐसे उज्ज्वल बनो नित सुआसित रहो।




सफलता जिस ताले में बंद रहती है वह दो चाभियों से खुलती है वह है कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प ।

जिसके मन में भाव सच्चा होता है उसका हर काम अच्छा होता है।

इतने छोटे बनिये की हर कोई आपके साथ बैठे और इतने बड़े बनिये की जब आप उठें तो कोई बैठा न रहे।

किसी को शिखर पर पहुँचने के लिए ताकत की जरूरत होती है चाहे वह माउण्ट एवरेस्ट हो या आपका पेशा।




मत समझो अकेले हैं कुछ कर दिखाने में एक दीया काफी है अंधियारे को दूर भगाने में।

जो अपनी चमक परायी रोशनी में खोती है जुगनू की औलाद ऐसी ही होती है।

कायरता जिस चेहरे पर श्रृंगार करती है उस पर मक्खी भी बैठने से इनकार करती है।

अपने मन में डर का कोई बीज न बोने देना
स्वयं सजोया सपना भी हरगिज मत खोने देना
लक्ष्य तुम्हारे चरण चूमने चल कर खुद आयेगा
शर्त एक है अपनी बस हिम्मत मत खोने देना।

मुरझाया चेहरा मत रखना तुमसे लोग कटेंगें
खिले हुए फूलों को ही दुनिया पसंद करती है।

समय तो लगता है शिखर पे जाने में
चींटी को चढ़ने में पक्षी को उड़ने में 
महल बनाने में घर सजाने में
समय तो लगता है शिखर पे जाने में।



फूलों के जैसा महकती रहो 
पक्षी के जैसा चहकती रहो
सूरज की भाँति चमकते रहो
तितली के जैसा उमड़ती रहो
माता पिता का आदर करो
सुंदर भावों को मन में भरो।



सूरज निकला मिटा अंधेरा 
देखो बच्चों हुआ सबेरा
आया मीठी हवा का फेरा 
चिड़ियों ने फिर छोड़ा बसेरा
जागो बच्चों अब मत सोओ
इतना सुन्दर समय न खोओ।



बहुत लिया खेल अब करें परीक्षा की तैयारी
पेन पेन्सिल रबर कटर हो सामग्री सारी।

है वक्त बड़ा अनमोल अब न इसे गंवाना है
कर के अच्छी तैयारी अच्छे अंक भी लाना है।

हो पढ़ने का टाइम टेबल जो भी पढें मन से पढ़ें
एक उत्तर याद हो जाये फिर अगले की ओर बढ़ें।

न पढ़ें ज्यादा देर वक्त पर आराम करें 
याद हो जाये उत्तर जो उसे लिखने का काम करें।

लिखने से बार बार उत्तर याद हो जाएगा
हो प्रश्न पत्र कैसा भी झट हल हो जाएगा।

ठंडे दिमाग से हर प्रश्न का दें जवाब
लिखें उत्तर वही जो कहती हो किताब।

पाकर प्रथम श्रेणी माँ बाप का रोशन नाम करो
गर्व हो विद्यार्थियों तुम पर जो कुछ ऐसा काम करो।



वो भी क्या दिन थे मम्मी की गोद और पापा के कंधे, न पैसे की सोच न लाइफ के फंडे, न कल की चिन्ता न फ्यूचर के सपने, और अब कल की है फिकर और अधूरे हैं सपने, मुड़कर देखा तो बहुत हैं अपने, मंजिलों को ढूढने तुम कहाँ खो गये, न जाने क्यों हम इतने बड़े हो गए।







अध्यापक-
"शिवम पटेल"
(रसायन विज्ञान)
ग्राम- ताजपुर, पोस्ट- रामपुर सकरवारी,
जनपद- अम्बेडकर नगर,
राज्य- उत्तर प्रदेश, पिन कोड- 224122


आई ए एस और आई पी एस में अंतर

अभिनंदन की दुनिया                                              

कौन ज्यादा ताकतवर IAS या IPS: सादे कपड़ों के अफसर और वर्दी की पावर, सैलरी से लेकर सुविधाओं का पूरा लेखा-जोखा


करियर डेस्क.  IAS Vs IPS Who is More Powerful: जैसा हम सभी जानते हैं की IAS तथा IPS अधिकारी दोनों ही पद एक जिले के सबसे महत्वपूर्ण पद होते है। IAS और IPS एक दूसरे के पूरक हैं। दोनों ही भारतीय समाज के विकास के लिए आवश्यक हैं। IAS और IPS अखिल भारतीय सेवाओं में सबसे अग्रणी हैं जो IAS उम्मीदवारों की पहली पसंद  हैं। एक जिले में एक से ज्यादा IAS तथा IPS तैनात होते हैं परन्तु सबसे important पद जिले के DM तथा SSP के होते हैं। किसी भी ज़िले के विकास के लिए दोनों का ही एक साथ कार्य करना अनिवार्य है।
आज हम आपको IAS और IPS अफसर के कैडर जिम्मेदारी, सैलरी, पावर आदि को लेकर विस्तार से बताएंगे- 
<p>IAS तथा IPS दोनों का ही चयन UPSC की सिविल सेवा परीक्षा के द्वारा किया जाता है। aspirants अपनी पसंद की सर्विस preference, UPSC के Detailed Application फॉर्म (DAF) में भर देते हैं तथा फाइनल रिजल्ट में अपनी रैंक के अनुसार उन्हें सर्विस प्रदान कर दी जाती है। Indian Administrative Service ज्वाइन करने के बाद, अभ्यर्थी सिविल सेवा की परीक्षा नहीं दे सकता परन्तु IPS बनने के बाद सिविल सेवा की परीक्षा दे सकता है।</p>

<p> </p>

<p><strong>कैडर कंट्रोल अथॉरिटी   </strong></p>

<p> </p>

<p>IAS तथा IPS दोनों ही ALL India Services हैं लेकिन दोनों की Cadre Controlling Authority अलग अलग हैं। IAS की Cadre Controlling Authority, Ministry of Personnel  होती है जो की सीधे प्रधान मंत्री के आधीन होता है परन्तु IPS की Cadre Controlling Authority Home Ministry होती है जो की गृह मंत्री के आधीन होती है।<br />
 </p>

<p> </p>

<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
IAS तथा IPS दोनों का ही चयन UPSC की सिविल सेवा परीक्षा के द्वारा किया जाता है। aspirants अपनी पसंद की सर्विस preference, UPSC के Detailed Application फॉर्म (DAF) में भर देते हैं तथा फाइनल रिजल्ट में अपनी रैंक के अनुसार उन्हें सर्विस प्रदान कर दी जाती है। Indian Administrative Service ज्वाइन करने के बाद, अभ्यर्थी सिविल सेवा की परीक्षा नहीं दे सकता परन्तु IPS बनने के बाद सिविल सेवा की परीक्षा दे सकता है।

कैडर कंट्रोल अथॉरिटी   

IAS तथा IPS दोनों ही ALL India Services हैं लेकिन दोनों की Cadre Controlling Authority अलग अलग हैं। IAS की Cadre Controlling Authority, Ministry of Personnel  होती है जो की सीधे प्रधान मंत्री के आधीन होता है परन्तु IPS की Cadre Controlling Authority Home Ministry होती है जो की गृह मंत्री के आधीन होती है।
 

(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
<p><strong>ट्रेनिंग </strong></p>

<p> </p>

<p>IAS तथा IPS की शुरुवाती 3 महीने की training जिसे foundation कोर्स भी कहते है, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी(LBSNAA) में ही होती है। उसके बाद IPS प्रशिक्षुओं को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) हैदराबाद भेज दिया जाता है जहाँ वे अपनी पुलिस training लेते हैं।</p>

<p> </p>

<p>IAS Training में टॉप करने वाले candidates को Medal तथा IPS Training में टॉप करने वाले candidate को Sword of Honour दिया जाता है। तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो IPS की training ज्यादा कठिन होती है तथा ज्यादा परिश्रम की अपेक्षा करती है। इसमें घुड़सवारी, परेड, शस्त्र विद्या इत्यादि शामिल होता है।<br />
 </p>

<p> </p>

<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
ट्रेनिंग 

IAS तथा IPS की शुरुवाती 3 महीने की training जिसे foundation कोर्स भी कहते है, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी(LBSNAA) में ही होती है। उसके बाद IPS प्रशिक्षुओं को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) हैदराबाद भेज दिया जाता है जहाँ वे अपनी पुलिस training लेते हैं।

IAS Training में टॉप करने वाले candidates को Medal तथा IPS Training में टॉप करने वाले candidate को Sword of Honour दिया जाता है। तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो IPS की training ज्यादा कठिन होती है तथा ज्यादा परिश्रम की अपेक्षा करती है। इसमें घुड़सवारी, परेड, शस्त्र विद्या इत्यादि शामिल होता है।
 

(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
<p><strong>पावर और जिम्मेदारियां </strong></p>

<p> </p>

<p>IAS तथा IPS दोनों ही सेवाओं का जॉब प्रोफाइल बहुत ही Broad होता है और दोनों ही बहुत Powerful Posts पर तैनात होते है परन्तु IAS, एक डीएम के रूप में काफी ज्यादा Powerful होता है। एक IPS के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है परन्तु एक IAS (डीएम) के पास District के सभी departments की जिम्मेदारी होती है। डीएम के रूप में एक IAS अधिकारी, पुलिस विभाग के साथ साथ अन्य विभागों का भी मुखिया होता है।</p>

<p> </p>

<p>डिस्ट्रिक्ट की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी भी DM के पास ही होती है। शहर में curfew, धारा 144 इत्यादि Law and Order से जुड़े सभी Decision DM ही लेता है। भीड़ पर Firing का आर्डर भी DM ही दे सकता है। IPS भीड़ पर Firing का आर्डर नहीं दे सकता। इतना ही नहीं पुलिस Officers के tranfers के लिए भी DM के Approval की आवश्यकता होती है।<br />
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<p> </p>

<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
पावर और जिम्मेदारियां 

IAS तथा IPS दोनों ही सेवाओं का जॉब प्रोफाइल बहुत ही Broad होता है और दोनों ही बहुत Powerful Posts पर तैनात होते है परन्तु IAS, एक डीएम के रूप में काफी ज्यादा Powerful होता है। एक IPS के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है परन्तु एक IAS (डीएम) के पास District के सभी departments की जिम्मेदारी होती है। डीएम के रूप में एक IAS अधिकारी, पुलिस विभाग के साथ साथ अन्य विभागों का भी मुखिया होता है।

डिस्ट्रिक्ट की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी भी DM के पास ही होती है। शहर में curfew, धारा 144 इत्यादि Law and Order से जुड़े सभी Decision DM ही लेता है। भीड़ पर Firing का आर्डर भी DM ही दे सकता है। IPS भीड़ पर Firing का आर्डर नहीं दे सकता। इतना ही नहीं पुलिस Officers के tranfers के लिए भी DM के Approval की आवश्यकता होती है।
 

(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
<p><strong>जब सादे कपड़ों के अफसर को वर्दी देती है सलामी- </strong></p>

<p> </p>

<p>एक प्रोटोकॉल में यह भी वर्णित है की यदि IPS, IAS के साथ मीटिंग में जाता है तो उसे IAS को salute करना होगा।  किंतु ऐसा तभी होगा जब IPS अपनी full यूनिफार्म में हो, यदि IPS ने अपनी Cap नहीं पहनी है तो वह IAS को Salute करने के लिए बाध्य नहीं है। इसलिए ऐसा प्राय: देखा गया है की IAS से meeting के दौरान IPS Officers अपनी cap नहीं पहनते हैं।</p>

<p> </p>

<p>कुछ राज्यों ने अपने कुछ शहरों में commissionerate system लागू किया है। इस सिस्टम में पुलिस ऑफिसर्स के पास ज्यादा अधिकार होते है किंतु फिर भी एक IAS की तुलना में यह कम ही हैं।</p>

<p> </p>

<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
जब सादे कपड़ों के अफसर को वर्दी देती है सलामी- 

एक प्रोटोकॉल में यह भी वर्णित है की यदि IPS, IAS के साथ मीटिंग में जाता है तो उसे IAS को salute करना होगा।  किंतु ऐसा तभी होगा जब IPS अपनी full यूनिफार्म में हो, यदि IPS ने अपनी Cap नहीं पहनी है तो वह IAS को Salute करने के लिए बाध्य नहीं है। इसलिए ऐसा प्राय: देखा गया है की IAS से meeting के दौरान IPS Officers अपनी cap नहीं पहनते हैं।

कुछ राज्यों ने अपने कुछ शहरों में commissionerate system लागू किया है। इस सिस्टम में पुलिस ऑफिसर्स के पास ज्यादा अधिकार होते है किंतु फिर भी एक IAS की तुलना में यह कम ही हैं।

(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
<p><strong> स्कोप ऑफ़ ड्यूटी</strong></p>

<p> </p>

<p>DM के रूप में एक IAS अधिकारी का स्कोप ऑफ़ ड्यूटी district के सभी departments में होता है। एक IPS, SSP रहते हुए सिर्फ अपने पुलिस विभाग तथा यातायात विभाग में ही कार्य कर सकता है। डीएम का कार्य क्षेत्र land records, revenue, Law n Order, agriculture इत्यादि district के सभी department होते हैं।</p>

<p> </p>

<p> </p>

<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
 स्कोप ऑफ़ ड्यूटी

DM के रूप में एक IAS अधिकारी का स्कोप ऑफ़ ड्यूटी district के सभी departments में होता है। एक IPS, SSP रहते हुए सिर्फ अपने पुलिस विभाग तथा यातायात विभाग में ही कार्य कर सकता है। डीएम का कार्य क्षेत्र land records, revenue, Law n Order, agriculture इत्यादि district के सभी department होते हैं।


(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
<p><strong>सैलरी </strong></p>

<p> </p>

<p>भारत में IPS अधिकारी का वेतन सातवें वेतन आयोग की recommendations के बाद से काफी बेहतर हुआ है । IPS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,25,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह Seniority के आधार पर अलग अलग होता है। IAS की Salary भी सातवें वेतन आयोग की recommendations काफी बेहतर हो गया है। IAS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह भी Seniority के आधार पर अलग अलग होता है। IAS की salary IPS से ज्यादा होती है। इसके अलावा दोनों अफसरों को सरकारी आवास, गाड़ी आदि की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। वहीं बिजली-पानी मेडिकल आदि के खर्च के भुगतान में छूट मिलती है।</p>

<p> </p>

<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong> </p>
सैलरी 

भारत में IPS अधिकारी का वेतन सातवें वेतन आयोग की recommendations के बाद से काफी बेहतर हुआ है । IPS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,25,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह Seniority के आधार पर अलग अलग होता है। IAS की Salary भी सातवें वेतन आयोग की recommendations काफी बेहतर हो गया है। IAS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह भी Seniority के आधार पर अलग अलग होता है। IAS की salary IPS से ज्यादा होती है। इसके अलावा दोनों अफसरों को सरकारी आवास, गाड़ी आदि की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। वहीं बिजली-पानी मेडिकल आदि के खर्च के भुगतान में छूट मिलती है।

(प्रतीकात्मक तस्वीर)  
<p><strong>यूनिफॉर्म </strong></p>

<p> </p>

<p>यूनिफार्म IAS तथा IPS को अलग करती है। IAS ऑफिसर्स के लिए कोई ख़ास यूनिफार्म नहीं होती है बस उन्हें सरकारी आयोजनों में formal कपडे पहनने होते हैं परन्तु IPS को उनकी निर्धारित यूनिफार्म पहननी होती है। IPS की यूनिफार्म promotions के साथ साथ बदलती जाती है। उन्हें हर रैंक के साथ कंधे पर सितारे, तलवार तथा अशोक की लाठ लगानी होती है। आम जनता कपड़ों से IAS को नहीं बल्कि IPS को पहचान लेती है।</p>

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<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
यूनिफॉर्म 

यूनिफार्म IAS तथा IPS को अलग करती है। IAS ऑफिसर्स के लिए कोई ख़ास यूनिफार्म नहीं होती है बस उन्हें सरकारी आयोजनों में formal कपडे पहनने होते हैं परन्तु IPS को उनकी निर्धारित यूनिफार्म पहननी होती है। IPS की यूनिफार्म promotions के साथ साथ बदलती जाती है। उन्हें हर रैंक के साथ कंधे पर सितारे, तलवार तथा अशोक की लाठ लगानी होती है। आम जनता कपड़ों से IAS को नहीं बल्कि IPS को पहचान लेती है।


(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
<p><strong>टॉप पोस्ट्स </strong></p>

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<p>एक IAS के लिए भारत में Top Post Cabinet सेक्रेटरी की होती है. यह भारत का सर्वोच्च पद है जिस पर सिर्फ एक IAS officer ही तैनात किया जा सकता है। स्टेट में भी Top Post, चीफ सेक्रेटरी की होती है जो एक आईएस officer होता है। यहाँ तक की Home Secretary के पद पर भी एक IAS officer को ही तैनात किया जाता है।</p>

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<p>IPS अपने राज्य का Director General ऑफ़ पुलिस बन सकता है। केंद्र सरकार में एक IPS officer, CBI , IB तथा RAW का Director बन सकता है। इसके साथ साथ National Security Adviser के पद पर भी IPS की तैनाती की जा सकती है।</p>

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<p><strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर) </strong></p>
टॉप पोस्ट्स 

एक IAS के लिए भारत में Top Post Cabinet सेक्रेटरी की होती है. यह भारत का सर्वोच्च पद है जिस पर सिर्फ एक IAS officer ही तैनात किया जा सकता है। स्टेट में भी Top Post, चीफ सेक्रेटरी की होती है जो एक आईएस officer होता है। यहाँ तक की Home Secretary के पद पर भी एक IAS officer को ही तैनात किया जाता है।

IPS अपने राज्य का Director General ऑफ़ पुलिस बन सकता है। केंद्र सरकार में एक IPS officer, CBI , IB तथा RAW का Director बन सकता है। इसके साथ साथ National Security Adviser के पद पर भी IPS की तैनाती की जा सकती है।


शिवम पटेल
अकबरपुर, अम्बेडकर नगर
उत्तर प्रदेश, 224122