Saturday, August 29, 2020

दीवानापन शायरी


तुम्हारे दिल की धड़कन में मेरा यह प्यार आया है

कि कैसा दिल है ये तेरा कि देखो प्यार आया है

कि कैसा है ये जमाना कि मैं जो एक आवारा है

कि कैसा है ये जमाना कि एक आवारा आया है

तुम्हारी याद में पूछूं कि तू कैसे यूँ आयी है

हमारी धड़कने कहती कि तू तो एक लुगाई है

ऐसा होता है देखो जमाने ने भी जाना है

मत पूछो कहूँ कि मैं तुम्हारा ये आवारा है

देखने वालों की है रहती भीड़ें जो पुकारी हैं

तुम्हारी याद में देखो हमने भीड़ लगाई है

कि ऐसा इस जमाने मे अक्सर यूँ ही होता है

जरा मुड़ के तो तुम देखो तुम्हारी ही शहनाई है

आकर के तो तुम पूछो देखो रंग लाई है

कैसा इस जमाने का आया इक जमाना है

इतनी भीड़ में मत पूछो कि कैसा ये जमाना है

धरती से अम्बर तक देखो प्यार ही प्यारा है

कि इस दुनिया मे सबसे तो महंगा एक प्यारा है

तेरा तो है दिल का जो टुकड़ा वो हमारा है

अक्सर इस जमाने में तो यूँ सब कुछ ही होता है

पढ़ने वाले के मन में तो मैंने जोश जगाया है

इक बार ये पढ़ कर तो देखो मैंने इसे बनाया है 


पूर्व अध्यापक-

"शिवम पटेल"
(रसायन विज्ञान)
ग्राम- ताजपुर, पोस्ट- रामपुर सकरवारी,
जनपद- अम्बेडकर नगर,
राज्य- उत्तर प्रदेश, भारत, पिन कोड- 224122

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